जान बचाने वाले डॉक्टरों की टीम के साथ पेशेंट
11 घंटे तक ऑपरेशन कर निकाला 12 सेमी. का ब्रेन ट्यूमर रीवा के डॉक्टरों ने बचाई जान
श्याम साह मेडिकल कॉलेज के सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 21 वर्षीय युवक की ब्रेन का कठिन ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने जान बचा ली |
डॉ दिनेश पटेल के नेतृत्व में एनेस्थीसिया और सर्जरी के पांच सदस्यीय दल ने ये बड़ा ऑपरेशन को सफल बना कर युवक की जान बचाई |
दावा है की डॉक्टरों की टीम बिना रुके बिना किसी रेस्ट लिए लगातार सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक ऑपरेशन किया और मरीज की जान बचाई | सूत्रों की मानें तो इस तरह के ऑपरेशन होने के बाद मरीज को चार से पांच दिन खतरा होता है, इसलिए उसे मीडिया से दूर रखा जाता है।
न्यूरो सर्जन डॉ. दिनेश पटेल और मरीज दिपांशू सिंह का उत्साह बढ़ाते डॉक्टर।
ऐसे हुई बीमारी की शुरुआत
न्यूरो सर्जन डॉ दिनेश पटेल ने बताया की मरीज की के ब्रेन से डेढ साल पहले 2 सेमी. का ट्यूमर निकाला गया था। तब वह पूर्ण स्वस्थ था | लेकिन बीते 4 महीनो में उसको फिर से समस्या हो रही थी कुछ दिन पहले अचानक दिक्कत आई और तेजी से ब्रेन ट्यूमर बढ़ा है।
इसका सबसे बड़ा निदान ऑपरेशन ही है। क्योंकि कैंसर बनने के कारण दिमाग के बाए तरह से सोचने, बोलने, समझने और याददास्त तेजी से खोती है। ब्रेन ट्यूमर में अक्सर मरीज की सबसे पहले बोलने की शक्ति खोते हैं। तब अंतिम विकल्प ऑपरेशन ही होता है।
अब तक कर चुके हैं 500 से 600 ऑपरेशन
एसएस मेडिकल कालेज में पदस्थ न्यूरो सर्जन डॉ. दिनेश पटेल अब तक इस तरह के 500 से 600 जटिल ऑपरेशन कर चुके हैं। वे महीने में औसतन 12 से 13 ऑपरेशन करते हैं। रीवा से पहले डॉ. दिनेश पटेल इंदौर अपोला हास्पिटल और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में भी सेवाएं दे चुके हैं।
एसएस मेडिकल कालेज में पदस्थ न्यूरो सर्जन डॉ. दिनेश पटेल अब तक इस तरह के 500 से 600 जटिल ऑपरेशन कर चुके हैं। वे महीने में औसतन 12 से 13 ऑपरेशन करते हैं। रीवा से पहले डॉ. दिनेश पटेल इंदौर अपोला हास्पिटल और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में भी सेवाएं दे चुके हैं।
REWA TIMES NOW ऐसे डॉक्टरों के जज्बे को सलाम करता है और हमेशा इनके साथ हैं |


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