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रीवा/ मनगवां - विधायक पंचू लाल प्रजापति एवं सहयोगियों के द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने को लेकर मनगवां थाने में दर्ज कराई गई शिकायती रिपोर्ट।

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Monday, September 6, 2021

Rewa Times Now/Rewa News/Rewa riyasat/Mp News/Rewa Times

विधायक के निजी सहायक ने एससी एसटी का मामला दर्ज करने पुलिस को भेजी शिकायती पत्र

थाना प्रभारी ने कहां जांच करा कर दोषियों पर की जाएगी कार्यवाही

रीवा बुलेट रिपोर्टर मनगवां विधायक पंचू लाल प्रजापति को लेकर लगातार विरोध जारी है रविवार को आईटी एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश तिवारी अपने साथियों के साथ मनगवां थाना पहुंचकर विधायक पंचू लाल प्रजापति के खिलाफ आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है RTI कार्यकर्ता के द्वारा मनगवां थाना प्रभारी केपी त्रिपाठी को लिखे गए आवेदन रिपोर्ट में कहा गया है कि पंचू लाल प्रजापति बीजेपी सरकार सत्ता का धौंस देते हुए फर्जी मुकदमों में फंसाए जाने के साथ-साथ विधायक एवं उनके साथियों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है इतना ही नहीं विगद दिनो अज्ञात वाहन से एक्सीडेंट कर जान से मरवाने का भी  प्रयास किया गया था लेकिन ‌भाग्य से बच गए इस घटना के बाद प्रकाश तिवारी एवं इनके साथी गण जिनके द्वारा तिवनी गांव में सड़क को लेकर विरोध किया गया था उन सभी पर जान का खतरा है RTI कार्यकर्ता ने लिखित शिकायती पत्र मे  यह भी कहा है कि मनगवां विधायक एवं उनके सहयोगियों द्वारा हमारे एवं साथियों के के परिवार के लोगों को भी जान का खतरा है कभी भी कुछ हो सकता है अतः इस पर पुलिस कानूनी कार्रवाई करें अन्यथा आंदोलन किया जाएगा इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी  

वही 2 दिन पहले विधायक पंचूलाल प्रजापति के निजी सहायक कमल किशोर पांडेय.... के द्वारा मनगवां थाने में एक शिकायत भेजी है जिसने लिखा गया है कि प्रकाश तिवारी निवासी तिवनी के द्वारा एफबी पोस्ट में सड़क को जोड़कर  विधायक के संबंधित पत्र को जोड़कर एक पोस्ट की गई थी जिस पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दी गई थी जो जघन्य अपराध है अतः तत्काल प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही सुनिश्चित करें।

विधायक पंचू लाल प्रजापति के निज सहायक द्वारा जारी पत्र एव RTI कार्यकर्ता प्रकाश तिवारी के द्वारा थाने में दिए गए लिखित आवेदन के बाद मामला काफी पेचीदा हो गया है और अब किरकिरी हो रही है!

वही थाना प्रभारी केपी त्रिपाठी ने बताया है कि.... RTI कार्यकर्ता प्रकाश तिवारी साथियों के साथ थाना में पहुंचकर लिखित शिकायत आवेदन दिया है जिसकी जांच के लिए एसआई आर एम प्रजापत को सौंपी गई है वही विधायक के निजी सहायक द्वारा भेजी गई शिकायत को भी जांच में लिया गया 
इनका क्या है कहना

डॉक्टर पंचूलाल प्रजापति ,मनगवां विधायक
15 दिन से हम भोपाल में उपचार करा रहे हैं। किसी को धमकी देने का सवाल ही नहीं होता। जनहित के कार्यों पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। राजनैतिक साजिश के तहत इस तरह की शिकायत किसी ने की है तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
के पी त्रिपाठी थाना प्रभारी
प्रकाश तिवारी ने अपने साथियों के साथ थाना आकर विधायक के खिलाफ लिखित शिकायत की है इस शिकायत की जांच कराई जा रही है विधायक के निजी सहायक भी एक शिकायत भेजी गई है उसे भी जांच में लिया गया है जांच में जो भी तथ्य आएंगे उस पर वैधानिक कार्रवाई होगी।

Rewa News - जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा और विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम पर लगे गंभीर आरोप, क्या है मामला पढ़ें खबर।

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रीवा टाइम्स नाउ/रीवा न्यूज/रीवा रियासत/विंध्य टाइम्स/एमपी न्यूज


रीवा -जिला पंचायत उपाध्यक्ष विभा पटेल ने जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा पर सैकड़ो गुन्डे बुलाकर हमले की साजिश रचने का लगाया आरोप

वही जिला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह सेंगर ने विधान सभा अध्यक्ष एवं जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा पर हत्या का षड्यंत्र रचने का लगाया आरोप
रीवा मे आज राजनिती का गिरता हुआ स्वरुप आया सामने जीला पंचायत कार्यालय मे आज गुटीय और दलगत राजनीति का घिनौना रूप देखने को मिला। जहाँ जिला पंचायत की उपाध्यक्ष विभा पटेल और कुछ सदस्यों ने जीला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा पर कई आरोप लगाये वही जीला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह और बाकिल सदस्यों ने विधान सभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा पर साजिश रचने का आरोप लगाया है बता दें की जिला पंचायत रीवा मे समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। जिसमे जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा द्वारा एक ही क्षेत्र मे बार बार करोड़ो रुपये खर्च किये जाने का जिला पंचायत उपाध्यक्ष विभा पटेल ,सदस्य जयवीर सिंह सेंगर सहित अन्य सदस्यों ने विरोध किया। वही जीले मे हो रहे दारू के व्यापार पर भी सवाल खड़ा किये वही एक छेत्र मे बार बार करोड़ो खर्च ने सवाल किया तो जीला पंचायत अध्यक्ष ने जवाब दीया की मे सदस्यों की सहमती से किया गया अगर आप लोगों क़ो आपत्ति होतो आप आपत्ति दर्ज करा दीजिये बाकिल उससे होने वाला कुछ नहीं है जिसके बाद हंगामा और विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और अध्यक्ष अभय मिश्रा बैठक छोड़ कर चले गये। कुछ ही देर बाद जिला पंचायत मे सैकड़ो गुन्डे और असामाजिक तत्व एकत्रित हो गये। वही ज़ब सभा से निचे उतरे जीला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह ने निचे देखा की इते लोग खड़े है वजह क्या है ज़ब पुरे मामले क़ो उनको पता चली तो वो बाकिल सदस्यों क़ो फोन करके बताये जिससे कई सदस्य जान बचाकर इधर उधर से निकल लिये।लेकिन उपाध्यक्ष विभा पटेल,सदस्य अविनाश शुक्ला,जयवीर सिंह सेंगर सहित कई अन्य सदस्य अंदर ही घिर गये। जिन्हे मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वपनिल वानखेड़े ने किसी तरह उनके वाहनो मे बैठाकर वहां से रवाना किया। जिसके बाद उपाध्यक्ष विभा पटेल सहित अधिकांश सदस्य कलेक्टर इलैया राजा टी और नवागत पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन से मिलकर सारे घटना क्रम से अवगत कराया। इसके बाद उपाध्यक्ष विभा पटेल ,सदस्य जयवीर सिंह सेंगर,और सदस्य अविनाश शुक्ला ने पत्रकारो से चर्चा करते हुये प्रदेश की राजनीति मे भूचाल ला दिया।जहां सभी ने जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा पर गुण्डे  बुलाकर हमला करवाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।सदस्य अविनाश शुक्ला ने तो अभय मिश्रा पर पूरे जिले मे अवैध शराब की बिक्री करने का आरोप लगाया वहीं जिला पंचायत सदस्य और देवतालाब विधान सभा के उम्मीदवार रहे जयवीर सिंह सेंगर ने सीधे सीधे विधान सभा अध्यक्ष गिरीश गौतम पर उनकी हत्या करवाने का प्रयास करने और अभय मिश्रा को पूरा संरक्षण देने तथा शराब माफिया को मदद करने का आरोप लगाते हुये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जान की रक्षा करने की गुहार लगाई।साथ ही विधानसभा अध्यक्ष को उनके पद से हटाने की माग भी मुख्यमंत्री से कर डाली।

पूना पैक्ट:- आखिर क्यों हैं,भारत में आरक्षण व्यवस्था जाने क्या है तथ्य।

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Thursday, August 26, 2021

24 सितंबर पूना पैक्ट दिवस पर विशेष
24 September Poona Pact Day Special 

भारतीय हिन्दू समाज में जाति (Caste in Indian Hindu Society) को आधारशिला माना गया है. इस में श्रेणीबद्ध असमानता के ढांचे में अछूत सबसे निचले स्तर पर हैं, जिन्हें 1935 तक सरकारी तौर पर ‘डिप्रेस्ड क्लासेज‘ (Depressed classes) कहा जाता था. गांधी …

Rewa Times Now/ Rewa News/ Indian History


पूना पैक्ट दलित गुलामी का दस्तावेज़

भारतीय हिन्दू समाज में जाति (Caste in Indian Hindu Society) को आधारशिला माना गया है. इस में श्रेणीबद्ध असमानता के ढांचे में अछूत सबसे निचले स्तर पर हैं, जिन्हें 1935 तक सरकारी तौर पर ‘डिप्रेस्ड क्लासेज‘ (Depressed classes) कहा जाता था. 

गांधी जी ने उन्हें ‘हरिजन’ के नाम से पुरस्कृत किया था, जिसे अधिकतर अछूतों ने स्वीकार नहीं किया था. अब उन्होंने अपने लिए ‘दलित’ नाम स्वयम्   चुना है जो उनकी पददलित स्थिति का परिचायक है. वर्तमान  में वे भारत की कुल आबादी का लगभग छठा भाग (16.20 %) तथा  कुल हिन्दू आबादी का पांचवा भाग (20.13 %) हैं.अछूत सदियों से हिन्दू समाज में सभी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक व शैक्षिक अधिकारों से वंचित रहे हैं और काफी हद तक आज भी हैं.

Dalits have a long history of struggle to get equal status in Hindu society and politics.

दलित कई प्रकार की वंचनाओं एवं निर्योग्यताओं को झेलते रहे हैं.  उनका हिन्दू समाज एवं राजनीति में बराबरी का दर्जा पाने के संघर्ष का एक लम्बा इतिहास रहा है. जब श्री. ई.एस. मान्तेग्यु, सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट फॉर इंडिया,  ने  पार्लियामेंट में 1917 में यह महत्वपूर्ण घोषणा की कि “अंग्रेजी सरकार का अंतिम लक्ष्य भारत को डोमिनियन स्टेट्स देना है तो दलितों ने बम्बई में दो मीटिंगें करके अपना मांग पत्र वाइसराय तथा भारत भ्रमण पर भारत आये सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट फॉर इंडिया को दिया. परिणामस्वरूप निम्न जातियों को विभिन्न प्रान्तों में अपनी समस्यायों को 1919 के भारतीय संवैधानिक सुधारों के पूर्व भ्रमण कर रहे कमिशन को पेश करने का मौका मिला.तदोपरांत विभिन्न कमिशनों, कांफ्रेंसों एवं कौंसिलों  का एक लम्बा एवं जटिल  सिलसिला चला. सन 1918 में मॉन्टेग्यु चेम्सफोर्ड रिपोर्ट (Montagu Chelmsford Report in 1918) के बाद 1924 में मद्दीमान कमेटी रिपोर्ट (muddiman committee 1924 in hindi,) आई जिसमें कौंसिलों में डिप्रेस्ड क्लासेज के अति अल्प प्रतिनिधित्व और उसे बढ़ाने के उपायों के बारे में बात कही गयी.

साईमन कमीशन (1928) ने स्वीकार  किया कि डिप्रेस्ड क्लासेज को पर्याप्त प्रातिनिधित्व दिया जाना चाहिए.

सन् 1930 से 1932 एक लन्दन में तीन गोलमेज़ कान्फ्रेंस हुयीं, जिन में अन्य अल्पसंख्यकों के साथ-साथ दलितों के  भी भारत के भावी संविधान के निर्माण में अपना मत देने के अधिकार को   मान्यता मिली. यह एक ऐतिहासिक  एवं निर्णयकारी परिघटना थी. इन गोलमेज़  कांफ्रेंसों में डॉ. बी. आर. आंबेडकर तथा राव बहादुर आर. श्रीनिवासन द्वारा  दलितों के प्रभावकारी प्रतिनिधित्व एवं ज़ोरदार प्रस्तुति के कारण 17 अगस्त, 1932 को ब्रिटिश सरकार द्वारा घोषित ‘कम्युनल अवार्ड‘  में दलितों को  पृथक निर्वाचन का स्वतन्त्र राजनीतिक अधिकार मिला.इस अवार्ड से दलितों को आरक्षित सीटों पर पृथक् निर्वाचन द्वारा अपने प्रतिनिधि स्वयं  चुनने  तथा साथ ही सामान्य जाति के निर्वाचन क्षेत्रों में सवर्णों को चुनने हेतु दो वोट का अधिकार भी प्राप्त हुआ. इस प्रकार भारत के इतिहास में अछूतों को  पहली वार  राजनैतिक स्वतंत्रता का अधिकार  प्राप्त हुआ, जो  उनकी मुक्ति का मार्ग प्रशस्त कर  सकता था.उक्त अवार्ड द्वारा दलितों  को गवर्नमेंट आफ इंडिया एक्ट,1919 में अल्प संख्यकों के रूप में मिली मान्यता के आधार  पर अन्य अल्प संख्यकों – मुसलमानों, सिक्खों, ऐंग्लो इंडियनज तथा कुछ अन्य के साथ-साथ पृथक निर्वाचन के रूप में प्रांतीय विधायकाओं एवं केन्द्रीय एसेम्बली हेतु अपने प्रतिनिधि स्वयं  चुनने का अधिकार मिला तथा उन सभी के लिए सीटों की  संख्या निश्चित की  गयी, इसमें अछूतों के लिए 78 सीटें विशेष निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में आरक्षित की  गयीं.

गाँधी जी ने उक्त अवार्ड की  घोषणा होने पर यरवदा (पूना) जेल में 18 अगस्त, 1932 को दलितों को मिले पृथक् निर्वाचन के अधिकार के विरोध में 20 सितम्बर, 1932 से आमरण अनशन  करने की घोषणा कर दी.

गाँधी जी का मत था कि इससे अछूत हिन्दू समाज से अलग हो जायेंगे, जिससे हिन्दू समाज व हिन्दू धर्म विघटित हो जायेगा.
यह ज्ञातव्य है कि उन्होंने मुसलमानों, सिक्खों व ऐंग्लो- इंडियनज को मिले उसी अधिकार का कोई विरोध  नहीं किया था.

गाँधी जी ने इस अंदेशे को लेकर 18 अगस्त, 1932 को तत्कालीन ब्रिटिश प्रधान मंत्री, श्री रेम्ज़े मैकडोनाल्ड को एक पत्र भेज कर दलितों को दिए गए पृथक् निर्वाचन  के अधिकार को समाप्त करके संयुक्त मताधिकार की  व्यवस्था  करने तथा हिन्दू समाज को विघटन से बचाने की अपील की. इसके उत्तर में ब्रिटिश प्रधान मंत्री ने अपने पत्र दिनांकित 8 सितम्बर, 1932 में अंकित किया,

” ब्रिटिश सरकार की  योजना के अंतर्गत दलित वर्ग हिन्दू समाज के अंग बने रहेंगे और वे हिन्दू निर्वाचन के लिए समान  रूप से मतदान करेंगे, परन्तु ऐसी व्यवस्था प्रथम 20 वर्षों तक रहेगी तथा  हिन्दू समाज का अंग रहते हुए  उनके लिए सीमित संख्या में विशेष निर्वाचन क्षेत्र होंगे ताकि  उनके अधिकारों और हितों की रक्षा हो सके. वर्तमान स्थिति में ऐसा करना नितांत आवश्यक हो गया है. जहाँ-जहाँ विशेष निर्वाचन क्षेत्र होंगे वहां वहां सामान्य हिन्दुओं के निर्वाचन क्षेत्रों में दलित वर्गों को मत देने से वंचित नहीं किया जायेगा. इस प्रकार दलितों के लिए दो मतों का अधिकार होगा – एक विशेष निर्वाचन क्षेत्र के अपने सदस्य  के लिए और दूसरा हिन्दू समाज के सामान्य सदस्य के लिए. हम ने जानबूझ  कर – जिसे आप ने अछूतों के लिए साम्प्रदायिक निर्वाचन कहा है, उसके विपरीत फैसला दिया है. दलित वर्ग के  मतदाता सामान्य अथवा हिन्दू निर्वाचन क्षेत्रों में सवर्ण  उम्मीदवार को मत दे सकेंगे तथा सवर्ण हिन्दू  मतदाता दलित वर्ग के उम्मीदवार को उसके निर्वाचन क्षेत्र में मतदान क़र सकेंगे. इस प्रकार हिन्दू समाज की  एकता को सुरक्षित रखा गया है.”

कुछ अन्य तर्क देने के बाद उन्होंने गाँधी जी से  आमरण अनशन छोड़ने का आग्रह किया था.

परन्तु गाँधी जी ने प्रत्युत्तर में आमरण अनशन को अपना पुनीत धर्म मानते हुए कहा कि दलित वर्गों को केवल दोहरे  मतदान का अधिकार  देने से उन्हें तथा हिन्दू समाज को छिन्न – भिन्न  होने से नहीं रोका जा सकता.

गांधी जी ने आगे कहा,

“मेरी समझ में दलित वर्ग के लिए पृथक निर्वाचन की  व्यवस्था  करना हिन्दू धर्म  को बर्बाद करने का इंजेक्शन लगाना है. इस से दलित वर्गों का कोई लाभ नहीं होगा.”

गांधी जी ने इसी प्रकार के तर्क दूसरी और तीसरी गोल मेज़ कांफ्रेंस में भी दिए थे जिसके प्रत्युत्तर में डॉ. आंबेडकर ने गाँधी जी के दलितों के भी अकेले प्रतिनिधि और उनके शुभचिन्तक होने के दावे को नकारते हुए उनसे दलितों के राजनीतिक अधिकारों का विरोध न करने का अनुरोध किया था. उन्होंने यह भी कहा था कि फिलहाल दलित केवल स्वतन्त्र राजनीतिक अधिकारों की  ही मांग कर रहे हैं न कि हिन्दुओं  से अलग हो कर अलग देश बनाने की. परन्तु गाँधी जी का सवर्ण हिन्दुओं के हित को सुरक्षित रखने और अछूतों को  हिन्दू समाज का गुलाम बनाये रखने का स्वार्थ था. यही कारण था कि उन्होंने सभी तथ्यों व तर्कों को नकारते हुए 20 सितम्बर, 1932 को अछूतों के पृथक निर्वाचन के अधिकार के विरुद्ध आमरण अनशन शुरू कर दिया.यह एक विकट स्थिति थी. एक तरफ गाँधी जी के पक्ष में एक विशाल शक्तिशाली हिन्दू समुदाय था,  दूसरी  तरफ डॉ. आंबेडकर और अछूत  समाज.
अंतत  भारी  दबाव  एवं   अछूतों के संभव जनसंहार के भय तथा  गाँधी जी की जान बचाने के उद्देश्य से डॉ. आंबेडकर तथा उनके  साथियों को दलितों के पृथक निर्वाचन के अधिकार  (Rights of separate electorate of Dalits) की बलि देनी पड़ी और सवर्ण हिन्दुओं से 24 सितम्बर, 1932 को  तथाकथित पूना पैक्ट (Poona Pact in Hindi) करना पड़ा.

इस प्रकार अछूतों को गाँधी जी की जिद के कारण अपनी राजनैतिक आज़ादी के अधिकार को खोना पड़ा.

यद्यपि पूना पैक्ट  के अनुसार दलितों के लिए ‘ कम्युनल अवार्ड’ में सुरक्षित सीटों की संख्या बढ़ा कर 78 से 151 हो गयीं, परन्तु संयुक्त निर्वाचन के कारण उनसे अपने प्रतिनिधि स्वयं चुनने का अधिकार छिन्न  गया जिसके दुष्परिणाम आज तक दलित समाज झेल रहा है.

पूना पैक्ट के प्रावधानों
(Provisions of the Poona Pact) को गवर्नमेंट आफ इंडिया एक्ट, 1935 (Government of India Act 1935) में शामिल करने के बाद सन् 1937 में प्रथम चुनाव संपन्न हुआ जिसमें  गाँधी जी के दलित प्रतिनिधियों को कांग्रेस द्वारा कोई भी दखल न देने के दिए गए आश्वासन के बावजूद कांग्रेस ने 151 में से 78 सीटें हथिया लीं, क्योंकि संयुक्त निर्वाचन प्रणाली में दलित पुनः सवर्ण वोटों पर निर्भर हो गए थे.

गाँधी जी और कांग्रेस के इस छल से खिन्न होकर डॉ. आंबेडकर ने कहा था, “पूना पैकट  में दलितों के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है.”

कम्युनल अवार्ड के माध्यम से अछूतों के पृथक् निर्वाचन के रूप में अपने प्रतिनिधि स्वयं चुनने  और दोहरे वोट के अधिकार से सवर्ण हिन्दुओं की भी दलितों पर निर्भरता से दलितों का स्वंतत्र राजनीतिक अस्तित्व  सुरक्षित रह सकता था, परन्तु  पूना पैक्ट  करने की विवशता ने दलितों को फिर से सवर्ण हिन्दुओं का गुलाम बना दिया. इस व्यवस्था  से आरक्षित सीटों पर  जो सांसद या विधायक चुने जाते हैं वे वास्तव में दलितों द्वारा न चुने जा कर विभिन्न राजनैतिक पार्टियों एवं सवर्णों द्वारा चुने जाते हैं, जिन्हें उन का गुलाम/ बंधुआ बन कर रहना पड़ता है.

सभी राजनैतिक पार्टियाँ गुलाम मानसिकता वाले ऐसे प्रतिनिधियों पर  कड़ा नियंत्रण रखती हैं और पार्टी लाइन से हट कर किसी भी दलित मुद्दे को उठाने या उस पर  बोलने की इजाजत नहीं देतीं. यही कारण है कि लोकसभा तथा विधान सभाओं में दलित प्रतिनिधियों की स्थिति महाभारत  के भीष्म पितामह जैसी रहती है जिस ने  यह पूछने पर कि “जब कौरवों के दरबार में द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था तो आप क्यों नहीं बोले?” इस पर उन का उत्तर था, ” मैंने कौरवों का नमक खाया था.”

वास्तव में कम्युनल अवार्ड से दलितों को स्वंतत्र राजनैतिक अधिकार प्राप्त हुए थे, जिससे वे  अपने प्रतिनिधि स्वयं चुनने के लिए सक्षम हो गए थे और वे उनकी आवाज़ बन सकते थे. इस के साथ ही दोहरे वोट के अधिकार के कारण सामान्य निर्वाचन क्षेत्र में सवर्ण  हिन्दू भी उन पर निर्भर रहते  और दलितों को नाराज़ करने की हिम्मत नहीं करते. इस से हिन्दू समाज में एक नया समीकरण बन सकता था जो दलित मुक्ति का रास्ता प्रशस्त करता. 

परन्तु गाँधी जी ने हिन्दू समाज और हिन्दू धर्म  के विघटित होने की  झूठी दुहाई दे कर तथा आमरण अनशन का अनैतिक हथकंडा अपना कर दलितों की राजनीतिक स्वतंत्रता का हनन कर लिया जिस कारण दलित फिर से सवर्णों  के राजनीतिक गुलाम बन गए.वास्तव  में गाँधी जी की चाल काफी हद तक राजनीतिक भी थी जो कि बाद में उनके एक अवसर पर सरदार पटेल को कही गयी इस  बात से भी स्पष्ट है:

“अछूतों के अलग मताधिकार के परिणामों से मैं भयभीत हो उठता हूँ. दूसरे वर्गों के लिए अलग निर्वाचन अधिकार के बावजूद भी मेरे पास उनसे सौदा करने की गुंजाइश रहेगी, परन्तु मेरे पास अछूतों से सौदा करने का कोई साधन नहीं रहेगा. वे नहीं जानते कि पृथक निर्वाचन हिन्दुओं को इतना बाँट देगा कि उसका अंजाम खून खराबा होगा. अछूत गुंडे, मुसलमान गुंडों से मिल जायेंगे और हिन्दुओं को मारेंगे. क्या अंग्रेजी  सरकार को इस का कोई अंदाज़ा नहीं है? मैं ऐसा नहीं सोचता.” (महादेव  देसाई, डायरी, पृष्ठ 301,  प्रथम खंड).

गाँधी जी के इस सत्य कथन से आप गाँधी जी द्वारा अछूतों को पूना पैक्ट  करने के लिए बाध्य करने के असली उद्देश्य का अंदाज़ा लगा सकते हैं.

दलितों की संयुक्त  मताधिकार व्यवस्था
(Joint voting system of dalits) के कारण सवर्ण हिन्दुओं पर निर्भरता के फलस्वरूप  दलितों की कोई भी राजनैतिक पार्टी पनप नहीं पा  रही है चाहे वह डॉ. आंबेडकर द्वारा स्थापित  रिपब्लिकन पार्टी ही क्यों न हो. इसी कारण डॉ. आंबेडकर को भी दो बार चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा, क्योंकि आरक्षित सीटों पर  सवर्ण वोट ही निर्णायक होता है. इसी कारण सवर्ण पार्टियाँ ही अधिकतर आरक्षित सीटें जीतती हैं.

Poona Pact’s ill effects

1.पूना पैक्ट के इन्हीं दुष्परिणामों के कारण ही डॉ. आंबेडकर ने संविधान में राजनैतिक आरक्षण को केवल 10 वर्ष तक ही जारी रखने की बात कही थी. परन्तु विभिन्न राजनीतिक पार्टियाँ इसे दलितों के हित में नहीं बल्कि अपने स्वार्थ के लिए अब तक लगातार 10-10 वर्ष तक  बढ़ाती  चली आ रही हैं, क्योंकि इस से उन्हें अपने मनपसंद और गुलाम  दलित सांसद और विधायक चुनने की सुविधा रहती है.

2.लेकिन सरकारी नौकरियों में दलितों का सदैव आरक्षण बना रहेगा और उनकी सरकारी नौकरियों, प्रशासनिक सेवाओं में सदैव प्रतिनिधित्व रहेगा ।

लेकिन कुछ राजनीतिक पार्टियों द्वारा इससे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए सरकारी नौकरियों में मिले आरक्षण को भी 10 साल के लिए बताती हैं जबकि ऐसा नहीं था।

सवर्ण हिन्दू राजनीतिक पार्टियाँ दलित नेताओं को खरीद लेती हैं और दलित पार्टियाँ कमज़ोर हो कर टूट जाती  हैं. यही कारण है कि  उत्तर भारत में तथाकथित दलितों की कही जाने वाली बहुजन समाज पार्टी भी ब्राह्मणों और बनियों के पीछे घूम रही है और “हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा, विष्णु, महेश है” जैसे नारों को स्वीकार करने के लिए बाध्य है. अब तो उसका रूपान्तरण बहुजन से सर्वजन में हो गया है.

इन परिस्थितियों के कारण दलितों का बहुत  अहित हुआ है, वे राजनीतिक तौर प़र  सवर्णों  के गुलाम बन कर रह गए हैं.

अतः इस सन्दर्भ  में पूना पैक्ट के औचित्य की समीक्षा (Review of Poona Pact Justification) करना समीचीन होगा. क्या दलितों को पृथक निर्वाचन की मांग पुनः उठाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए?

यद्यपि पूना पैक्ट की शर्तों में छुआ-छूत को समाप्त करने, सरकारी सेवाओं में आरक्षण देने तथा दलितों की शिक्षा के लिए बजट का प्रावधान करने की बात थी, परन्तु आजादी के 65 वर्ष बाद भी उनके क्रियान्वयन की स्थिति  दयनीय ही है.

डॉ. आंबेडकर ने अपने इन  अंदेशों को पूना पैक्ट के अनुमोदन हेतु बुलाई गयी  25 सितम्बर, 1932 को बम्बई में सवर्ण हिन्दुओं की बहुत बड़ी मीटिंग में व्यक्त करते हुए कहा था,

“हमारी एक ही चिंता है. क्या हिन्दुओं की भावी पीढ़ियां इस समझौते का अनुपालन करेंगी ?”

इस पर सभी सवर्ण हिन्दुओं ने एक स्वर में कहा था, “हाँ, हम करेंगे.”

लेकिन वर्तमान युग में सवर्ण हिंदुओं द्वारा आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करते हैं। और वंचितों का आरक्षण समाप्त करने की मांग करते हैं। जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

डॉ. आंबेडकर ने यह भी कहा था,

हम देखते हैं कि दुर्भाग्यवश हिन्दू सम्प्रदाय एक संगठित समूह नहीं है बल्कि विभिन्न सम्प्रदायों की फेडरेशन  है. मैं आशा  और विश्वास करता हूँ कि आप अपनी तरफ से इस अभिलेख को पवित्र मानेंगे तथा एक सम्मानजनक भावना  से काम करेंगे.”

क्या आज सवर्ण हिन्दुओं को अपने पूर्वजों द्वारा दलितों के साथ किये गए इस समझौते को ईमानदारी से लागू करने के बारे में थोड़ा  बहुत आत्म चिंतन नहीं करना चाहिए. यदि वे इस समझौते को ईमानदारी से लागू करने में अपना अहित देखते हैं तो क्या उन्हें दलितों के पृथक निर्वाचन का राजनैतिक अधिकार लौटा नहीं देना चाहिए?

मेरे विचार में अब समय आ गया है जब दलितों को संगठित हो कर आरक्षित सीटों पर वर्तमान संयुक्त चुनाव प्रणाली की जगह पृथक चुनाव प्रणाली की मांग उठानी चाहिए ताकि वे अपने प्रतिनिधियों को सवर्णों की जगह स्वयम चुनने में सक्षम हो सकें.

Rewa News:- रीवा जिला में हर कोई भारतीय मुद्रा सिक्के को लेने से क्यों मना करता है? क्या है कारण?

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Tuesday, August 24, 2021

Rewa Times Now / Rewa News / Rewa Riyasat / MP News

रीवा:- सेमरिया बिंसिनपुर सड़क मार्ग टोल प्लाजा में भारतीय मुद्रा का अपमान। सिक्के लेने से इनकार और यह देना की सिक्का नहीं चलता। मनमानी तरीके से जनता से पैसे वसूले जा रहे और चंद नेताओ के नाम का प्रयोग करके जनता को टोल वसूलीकर्ता द्वारा गुंडागर्दी और धमकाया जा रहा। और गुंडागर्दी इतनी की वाहन का सही नम्बर भी नहीं लिखा जा रहा और मनमानी तरीके से कार्यरत। 

~चन्द्रांकित भार्गव 

Rewa News: नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत खैरा नई बस्ती वार्ड क्र.4 में चालीस वर्षों से नहीं बनी सड़क और नाली आखिर जिम्मेदार कौन?

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Thursday, August 19, 2021

Rewa News / Rewa Times Now / MP News

यहाँ खैरा नई बस्ती वार्ड क्रमांक 4 में सुलभ काम्प्लेक्स के सामने वाली  सड़क और नाली नहीं बनी होने के कारण बरसात के समय जगह जगह जलभराव हो जाता है।

यहाँ सुलभ काम्प्लेक्स तो है पर उसके सामने की सड़क अधूरी होने के कारण खैरावासी इस सुलभ काम्प्लेक्स का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

आपको बता दें यह खैरा नई बस्ती 2003 से वार्ड क्रमांक 4 नगर निगम में शामिल हुआ था। सबसे पहले यह ग्राम पंचायत में आया करता था तब से लेकर आज तक ना तो सब किसी सरपंच ने और ना ही किसी पार्षद ने और ना ही विधायक ने और ना ही जिला प्रशासन ने सड़क और नाली जैसे मूलभूत सुविधाओं के निर्माण की सुध ली।खैरा वार्ड क्रमांक 4 में नाली और सड़क अब तक एक बार भी नहीं बानी है | (इस पर मध्यप्रदेश शासन ) सांसद , विधायक और नगर निगम की सड़क और नाली बनवाने में कभी रुचि नहीं रही है| केवल अपने कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने में लगे रहे।

आम जनता द्वारा कई बार सीएम हेल्पलाइन द्वारा शिकायत की जा चुकी लेकिन इसका निराकरण ना कर इस शिकायत को दवा लिया जाता है।

यहां खैरा नई बस्ती वार्ड क्रमांक 4 में सुलभ कांप्लेक्स तो है, लेकिन उसके सामने वाली सड़क आधी बना कर छोड़ दिया गया है और नाली तो बनी ही नहीं है। कांप्लेक्स के सामने की सड़क लगभग 170 मीटर की है। यहां सड़क और नाली नहीं बनी होने के कारण बरसात के समय जल भराव, कीचड़ हो जाता है और बच्चों को स्कूल कॉलेज कोचिंग अपने काम से बाहर जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और नौकरी पेशा लोगों को अपने कार्यस्थल पर जाने में काफी कठिनाई होती है।
 यहां सुलभ कांप्लेक्स तो है, लेकिन उसके सामने की सड़क अधूरी होने के कारण खैरा वासी इस सुलभ कांप्लेक्स का लाभ तक नहीं ले पा रहे हैं।

सड़क और नाली नहीं होने के कारण घर के बेकार पानी को यूंही मुख्य मागव में छोड़ दिया जाता है,जिससे गंदगी फैलती है, कई घरों से शौच का पानी ही निकलने से रास्ता चलना दभूर हो जाता है, जिससे गंदगी फैलती है और बरसात के समय निकासी की समस्या विकट हो जाती है।एक तो मच्छरों का प्रकोप व दसूरे गंदे पानी की समस्या से बीमारियां फैल जाती हैं।जिससे मलेरिया टाइफाइड चिकनगुनिया और कई प्रकार के रोग फैलते हैं।

सड़क नहीं होने के कारण यदि यहां कोई बीमार हो जाता है तो उसको ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं आप आती है।

सड़क नहीं होने के कारण घरों से निकलने वाला कचड़े को ले जाने के लिए नगर निगम द्वारा कचरा गाड़ी भी अंदर नहीं आ पाती है।

Rewa News: पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेंद्र शक्ला जी का मनाया गया जन्मदिन।

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Tuesday, August 17, 2021

Rewa Times Now / Rewa News / MP News

शुभम शुक्ला ने बताया और शुभकामनाए दी।

Rewa News:- रीवा शहर के विकास पुरुष कहे जाने वाले पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेंद्र शुक्ला जी का जन्मदिन विभिन्न संगठनों, कार्यकर्ताओं ने मनाया। शुक्ला जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर रीवा जिला के कई संगठन डॉक्टर कर्मचारियों व्यापारियों द्वारा अपने अपने तरीके से शुक्ला जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। विधायक जी द्वारा अपने जन्मदिन के मौके पर कई जगहों पर वृक्षारोपण किया और रीवा जिला को ग्रीन सिटी बनाने का संकल्प लिया और आम जनता को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया। और विधायक राजेंद्र शुक्ला जी अपने जन्मदिन पर भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

Rewa News: रीवा ,भोपाल एवं इंदौर बीच उड़ान भरेगा 72 सीटर विमान, पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला की पहल पर मुख्यमंत्री ने दी सहमति

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Tuesday, August 10, 2021

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पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री शिवराज से भेंट करके रीवा से हवाई सेवा शुरू करने के लिये एक प्रस्ताव सौपा है। जिसे सीएम ने हरी झंडी देते हुये धनराशि देने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

रीवा। आने वाले समय में भोपाल-इंदौर और रीवा के लिए हवाई सेवा शुरू होंगी। जानकारी के तहत रीवा से 72 सीटर विमान प्रदेश के महानगरों को उड़ान भरेगा। दरअसल नागरिक उड्डयन मंत्रालय से फ्लाइट शुरू करने के लिए प्राप्त निविदा की राज्य की राशि देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सहमति प्रदान की है।

पूर्व मंत्री ने की पहल

दरअसल पूर्व मंत्री विधायक राजेंद्र शुक्ल ने मंगलवार को भोपाल में मुख्यमंत्री श्री चौहान से भेंट कर नागरिक उड्डयन मंत्रालय से चाहे गए राज्य के 100 प्रतिशत वीजीएफ अंशदान देने के लिए अनुरोध किया था, जिस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने तत्काल सहमति-पत्र भेजे जाने के लिये अधिकारियों को निर्देश प्रदान किये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीजीएफ राशि देने की स्वीकृति देने के साथ कहा कि प्रस्तावित रीवा, इंदौर और भोपाल से 72 सीटर विमान सेवा जल्द शुरू होगी।

 
उड़ान योजना के तहत मिलेगा लाभ

पूर्व मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में उड़ान योजना अंतर्गत लो कॉस्ट एयरपोर्ट शुरू करना एवं इस मार्ग पर हवाई सेवा प्रारंभ करना रीवा और आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से दिल्ली में भेंट कर रीवा से फ्लाइट शुरू करने का प्रस्ताव देकर स्वीकृत करने का आग्रह किया था, जिस पर नागरिक उड्डयन मंत्री श्री सिंधिया ने सहमति प्रदान की और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्रालय द्वारा रीवा से फ्लाइट शुरू करने के लिए आपरेटर से निविदाएं आमंत्रित की गई। निविदा की कुल राशि का हिस्सा वीजीएफ राज्य सरकार को देने का प्रावधान है।

 
विंध्य में है आपार संभावनाये

श्री शुक्ल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र में विगत वर्षों में पर्यटन, खनिज संपदा, औद्योगिक एवं कृषि विकास को लेकर उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। जिसके कारण क्षेत्र का आर्थिक विकास हुआ है। आम आदमी की औसत आय और व्यय क्षमता में वृद्धि हुई है। रीवा में हवाई सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं पैदा हुई है। इन्हीं कारणों से रीवा शहर को नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा उड़ान योजना में शामिल करते हुए रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम अंतर्गत लो कॉस्ट एयरपोर्ट विकसित करने की कार्यवाही शुरू की गई है।

 
निजी निवेशकों द्वारा रीवा भोपाल रीवा एवं रीवा इंदौर रीवा मार्ग पर हवाई सेवा प्रारंभ करने की निविदा प्रस्ताव के अनुसार नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राज्य को वीजीएफ राशि देने के लिए कहा है।

पूर्व मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि एयरपोर्ट एवं रीवा के लिए नई उड़ान, रीवा में हवाई सेवाएं विकसित की जाती हैं, तो यह न केवल क्षेत्र के विकास में सहायक होगी, अपितु इस रूट पर हवाई सेवाएं प्रारंभ करने वाले निवेशकों को भी आर्थिक लाभ होग

Rewa News:आखिर कब तक होगा दलितों के साथ अत्याचार? महिला के साथ मारपीट के बाद भी नहीं लिखी गई FIR, मामला मनगवा थाना का।

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Monday, August 9, 2021

Rewa Times Now / Rewa News 

रीवा ब्रेकिंग न्यूज

सत्तर वर्षीय वृद्ध महिला के साथ लाठी डंडे से मार पीट की गई थाने में  शिकायत करने पर नही हुई किसी प्रकार की कोई कार्यवाही

इस वक्त की सबसे बड़ी खबर रायपुर कर्चुलियान अन्तर्गत मढ़ी उमरी निवासी कलावती साकेत जो की एक सत्तर साल की वृद्ध महिला है आपको बता दे दिनांक 04/08/2021 को शाम करीबन 4 से 5 बजे बृजमोहन उपाध्याय द्वारा अपनी गाय भैषो को उनके खेत में ले जाकर छोड़ दिया गया किंतु खेत में धान की फसल होने पर वृद्ध महिला द्वारा मना किया गया की जानवरो द्वारा मेरी फसल को बर्बाद न किया जाय किंतु बृजमोहन उपाध्याय ने वृद्ध महिला के उम्र का लिहाज ना करते हुए गाली गलोच करने लगे तथा अभद्रता पूर्ण बाते कर 


और बृज मोहन उपाध्याय जी ने मुझे घसीट घसीट कर मारा मैं घायल अवस्था मे मदत की गुहार लगाई तो पिंटू तिवारी पलिया और मृगेंद्र उपाध्याय जी और नारेन्द उपाध्याय पिता राम लखन उपाध्याय पलिया 350 आये तब मुझे छोड़कर भाग गए और मां बहन की गाली- गलौज की और जातिसूचक शब्दो का प्रयोग करते हुए बोले गमारिन तुझे और मारूंगा। तो मैं इसकी शिकायत लेकर थाना मनगवां गई और वहां पर आवेदन दी मेरी F.I.R नहीं हुई और मैं हॉस्पिटल भी गई थी तो गंगेव में मेडिकल करवाने लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। 

 उन्हे लाठी से करीबन 5 मिनट तक मारा गया आपको बता दे की वृद्ध महिला का वीडियो वायरल किया गया जिसमे साफ़ तौर से लाठी डंडे के निशान और चोट के धब्बे पड़ गय है क्युकी की घटना मनगवा थाना अंतर्गत घटित हुई थी तो महिला द्वारा जिसकी शिकायत मनगवा थाना में दर्ज कराई गई किन्तु आज 5 दिवस बीत चुके है फिर भी पुलिस द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गई बताया जा रहा है की  जब वृद्ध महिला थाने में पहुंची तो उनकी शिकायत भी उनके कथन अनुशार नही लिखी जा रही थी मतलब अपराधी तो अपराध किए जा रहे किंतु पुलिस प्रशासन उन पर पर्दा डालने पर तुली हुई है। क्या मनगवा थाना के पुलिस कर्मचारियों को दया नही आई एक सत्तर वर्षीय महिला का दर्द सुनकर वही महिला के सुपुत्र गुड्डू साकेत द्वारा बताया गया की हमने एसपी कार्यालय रीवा तथा हरिजन थाना रीवा में भी आवेदन दिया फिर भी किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गई मतलब अगर अमीर पैसे फेके तो मुकदमा कायम किया जाबेगा और गरीबों के पास पैसा नही है तो शिकायत तक दर्ज नही होगी ये कहा का कानून है कौन सी किताब में इस तरह के कानून को लिखा गया है जरा विंध्य की जनता को भी मालूम चले वही वृद्ध महिला तथा उनके सुपुत्र का कहना की आज 5 दिवस से मेरी मां की हालत गंभीर है अगर उन्हें कुछ हो जाता है तो इसका पूरा पूरा जिम्मेदार बृजमोहन उपाध्याय और पुलिस प्रशाशन होगा तथा पुलिस कप्तान राकेश सिंह जी को भी दिनाक़ 05/08/2021 को आवेदन दिया गया किंतु उनके द्वारा भी घटना को अनदेखा कर दिया गया किंतु महिला ने फिर एक बार मीडिया के माध्यम से रीवा डीएम इलैयाराजा टी से न्याय की गुहार लगाई है और कहा के अपराधी बृजमोहन उपाध्याय को सजा दी जाबे तथा मेरी हालत गंभीर है जिसका अस्पताल में इलाज भी होना चाहिए 


Rewa News: बघेली कलाकार कामता माखन ने लकवाग्रस्त मरीज को दिया रक्तदान।

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बघेली कलाकार कामता माखन ने लकवाग्रस्त मरीज रामभरोसे मिश्रा व रमाकान्त त्रिपाठी ने नवजात शिशु एवम अमित वर्मा ने तीसरी बार रक्तदान बचाई दुर्घटनाग्रस्त मरीज विकास दाहिया की जान

प्रयास रक्तदान सेवा संगठन द्वारा रक्तवीर सम्मान से सम्मानित किया गया सम्मानित

जन सेवा की भावना पर पीड़ा संताप ऐसे विरले होते हैं जैसै कामना,अमित व रमाकान्त। परहित सरिस धरम नहिं भाई पर पीड़ा सम नहिं अधमाई इन पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए रीवा शहर के रक्तदाता कामता माखन,रमाकान्त त्रिपाठी व अमित वर्मा ने रक्तदान कर मानवीयता का परिचय दिया है।गौरतलब है कि सुपर स्पेशलिटी ब्लाक संजय गाँधी स्मृति अस्पताल रीवा में भर्ती मरीज रामभरोसे मिश्रा उम्र 77 वर्ष निवासी जिला सीधी को लकवा   के उपचार के दौरान ओ पाॅजीटिव रक्त की आवश्यकता हुई ऐसी स्थिति में बघेली कलाकार कामता माखन उम्र 27 वर्ष आगे आएं व रक्तदान कर जीवन रक्षा की है मानव सेवा की कड़ी में बीड़ा सेमरिया जिला रीवा  निवासी अंजुलता शुक्ला की तीन दिन की नवजात शिशु को बी पॉजीटिव रक्त की आवश्यकता होने पर संस्कृत महाविद्यालय के प्राध्यापक रमाकान्त त्रिपाठी ने बी पॉजीटिव रक्त देकर नवजात शिशु की जान बचाई इसी प्रकार मानव का उदाहरण पेश करते हुए प्रयास रक्तदान सेवा संगठन के रक्तदाता सदस्य अमित वर्मा ने तीसरी बार रक्तदान करते हुए दुर्घटनाग्रस्त मरीज विकास दाहिया उम्र 30 वर्ष निवासी जिला सतना को रक्त देकर जीवन रक्षा का कार्य किया है ।रक्तदान करने पर प्रयास रक्तदान सेवा संगठन रीवा मध्यप्रदेश के द्वारा रक्तवीर सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने पर रेड क्रास सोसाइटी रीवा के वाइस चेयर मैन ए के खान व महासचिव विनोद श्रीवास्तव,डाॅ.राजकुमार शर्मा,
डाॅ.उमेश मिश्र लखन,पूजा तिवारी,जय महाकाल सेवा संघ के अध्यक्ष देवेन्द्र द्विवेदी,आशीष तिवारी निर्मल सहित कई अन्य समाजिक कार्यकर्ताओ व बाघेली कलाकार साथियों ने शुभकामनाएं दी हैं।

Rewa News: रीवा जिले में 16 पर बड़ी कार्यवाही,(6 रोजगार सहायक वा 1उपयंत्री कि सेवा समाप्ति,7 सचिव तथा एक उपयंत्री निलंबित, एक सचिव बर्खास्त

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Tuesday, August 3, 2021

Rewa Times Now / Rewa News / MP News

रीवा :-

रीवा जिले में 16 पर बड़ी कार्यवाही,  (6 रोजगार सहायक एवम 1 उपयंत्री कि सेवा समाप्ति, 7 सचिव तथा एक उपयंत्री निलंबित, एक सचिव बर्खास्त

सचिव ग्राम पंचायत सदहना,डिहिया,सथिनी,माडौ,पडुआ ,परसिया, सरुई,  जनपद पंचायत सिरमौर,गंगेव,एवम त्योंथर निलबंन एवम  सूती सचिव सेवा समाप्ति।

प्रभारी सचिव एवम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत सदहना,माडौ,,कटागी,पडुआ,कचूर,बड़ागांव जनपद पंचायत सिरमौर,जावा,गंगेव,रीवा एवम रायपुर सेवा समाप्ति।

संबंधित ग्राम पंचायतों में प्राप्त शिकायतें एवम पूर्व से चल रहे प्रकरण में वसूली राशि नही जमा करनें, वित्तीय अनियमितता, कदाचरण, कार्यो में लगातार कोतही बरतना,दिये लक्ष्यों के विरुद्ध न्यून प्रगति पाये जाने पर श्री स्वप्निल वानखड़े (IAS) मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महोदय द्वारा संज्ञान लेते हुए  शिकायत के जाँच के निर्देश दिए गए। 

जाँच प्रतिवेदन एवम स्थल निरीक्षण अनुसार सचिव के विरुद्ध  निर्माण कार्यों में वसूली अधिरोपित कर समय सीमा में शासन के खाते में  राशि जमा एवम आपेक्षित कार्यो में प्रगति नहीं होने पर कार्यवाही की गई।

▪️उपरोक्तानुसार प्रभारी सचिव एवम रोजगार सहायक श्री सुधाकर कुशवाहा एवम तत्कालीन सचिव श्री महेश पटेल एवम श्री शशिकांत मिश्रा ग्राम पंचायत पडुआ द्वारा जाँच दल को अभिलेख उपलब्ध कराए गये, ना हि कारण बताओ सूचना पत्रों का जबाब दिया गया जो श्री कुशवाहा कि संविदा शर्तो के प्रतिकूल कदाचरण में आता है उक्त कि सेवा समाप्ति की गई एवम श्री पटेल,श्री मिश्र का उक्त कृत्य म.प्र. पंचायत सेवा के प्रतिकूल अतः नियमानुसार निलंबित किया गया।

▪️प्रभारी सचिव एवम रोजगार सहायक श्री अवधेश प्रताप सिंह ग्राम पंचायत कचूर जनपद पंचायत रीवा की शिकायत के जाँच हेतू अभिलेख उपलब्ध करना,वित्तीय अनियमितता किया जाना स्पष्ट होने पर श्री सिंह कि संविदा सेवा समाप्ति की गई।

 ▪️श्री अच्छेलाल हरिजन पूर्व सचिव ग्राम पंचायत सूती जनपद पंचायत त्योंथर द्वारा सर्ब शिक्षा अभियान के कार्यो में वित्तीय अनियमितता किये जाने, वसूली राशि 149814 रुपये नही जमा किये जाने,scn का जबाब नही दिए जाने पर नियमानुसार श्री हरिजन को सेवा से पदच्युत किया गया।

▪️प्रभारी सचिव एवम रोजगार सहायक श्री ब्रजेश द्विवेदी ग्राम पंचायत सदहना  जनपद पंचायत सिरमौर की प्राप्त शिकायत में जाँच उपरांत व्रक्षारोपण में वित्तीय अनियमितता पाई गई जिसमें 52683 रुपये वसूली राशि प्रस्तावित की गई हैं, श्री द्विवेदी ने ना हि वसुली राशि जमा की एवम अपना जबाब दिया अतः नियमानुसार सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई।

▪️ प्रभारी सचिव रोजगार एवम सहायक श्रीमती पूर्णिमा द्विवेदी ग्राम पंचायत बड़ागांव रायपुर वित्तीय अनियमितता राशि नही जमा करें पर सेवा समाप्ति, श्रीं के एल पट्टा उपयंत्री जनपद पंचायत त्योंथर वित्तीय अनियमितता एवम वसूली राशि 88533 रुपये नही जमा करें पर निलंबित,रोजगार सहायक श्रीमती प्रेरणा मिश्रा ग्राम पंचायत कटगी जनपद पंचायत जावा द्वारा कार्य से अधिक 265103 रुपये व्यय,कार्य मे लगातार लापरवाही बरतने पर सेवा समाप्ति श्री मुस्तफा आरिफ द्वारा कार्य से अधिक भुकतान एवम लगातार वित्तीय अनियमितता पाये जाने प्रर सेवा समाप्ति की गई ।

▪️ ऐसी प्रकार सचिव श्री अरविंद सिंह सचिव परसिया,श्री सुनील सिंह सरुई जनपद पंचायत त्योंथर, श्री रमाकांत तिवारी ग्राम पंचायत सदहना,श्री कलमेश सिंह ग्राम पंचायत डिहिया,श्री कमलभान सिंह ग्राम पंचायत सथिनी जनपद पंचायत सिरमौर को निलंबित किया गया।

Rewa News : रीवा में तेज बारिश से ढहा कच्चा मकान, 4 लोगो की मौत ,1 घायल

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Sunday, August 1, 2021

Rewa Times / Rewa News

रीवा - मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बहेरी घुचियारी गांव में रविवार सुबह-सुबह हड़कंप मच गया. तेज बारिश की वजह से एक कच्चा मकान ढह गया. हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई और 1 घायल शख्स घायल है. सूचना मिलते ही कलेक्टर इलैयाराजा मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य का जायजा लिया.

जानकारी के मुताबिक, तेज बारिश होने की वजह से बहेरी घुचियारी गांव के लोग रविवार सुबह अपने-अपने घरों में ही थे. इस बीच अचानक तेज आवाज सुनाई दी. लोगों ने घरों से निकलकर देखा तो एक कच्चा मकान ढह गया था. गांववाले तुरंत बचाव कार्य में जुट गए. चूंकि, बारिश बहुत तेज थी और गांव तक जाने के लिए सड़क भी नहीं है, इस वजह से प्रशासनिक मदद तुरंत नहीं मिल सकी.

तीन दिनों से हो रही भारी बारिश

गौरतलब है कि रीवा में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है. नदी-नाले उफान पर हैं. सतना जिले के बकिया बराज के 12 गेट खोले गए हैं, जिसका सीधा असर रीवा पर हुआ है. इसकी वजह से तराई क्षेत्रों में पानी का स्तर जबरदस्त बढ़ गया है. इस बीच रविवार सुबह अचानक घुचियारी गांव में मकान ढहने से हड़कंप मच गया. कलेक्टर इलैयाराजा मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य को देखा. उन्होंने 4 लोगों की मरने कि पुष्टि भी की.

13 जिलों में आफत की भविष्यवाणी

मध्य प्रदेश में मानसून कई जगहों पर लुका-छिपी का खेल खेल रहा है. एक तरफ तो नदियां-नाले उफान पर हैं, तो दूसरी तरफ 19 जिले अभी भी ऐसे हैं जहां सामान्य से कम बारिश हुई है. मौसम विभाग ने 13 से ज्यादा जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. सबसे ज्यादा बारिश 148 मिमी श्योपुर जिले में हुई. प्रदेश में बारिश सामान्य से 4 फीसदी ज्यादा रिकॉर्ड हो गई है. मौसम विभाग ने जिन 13 जिलों में भारी से भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है उनमें रीवा, शहडोल और ग्वालियर-चंबल संभाग के जिले कटनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, नीमच और मंदसौर जिले शामिल हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, जबलपुर, शहडोल, सागर, भोपाल, होशंगाबाद, उज्जैन और इंदौर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.

इन जिलों में सामान्य से कम बारिश
अनूपपुर में 18 फीसदी, बालाघाट में 14 फीसदी, दमोह में 32 फीसदी, जबलपुर में 17 फीसदी, कटनी में 13 फीसदी, पन्ना में 31 फीसदी, सागर में 8 फीसदी, सिवनी में 12 फीसदी, टीकमगढ़ में 22 फीसदी, बड़वानी में 29 फीसदी, बुरहानपुर में 17 फीसदी, धार में 26 फीसदी, हरदा में 9, होशंगाबाद 6 फीसदी, इंदौर में 22 फीसदी, झाबुआ में 3 फीसदी, खरगोन में 30 फीसदी, मुरैना में 18 फीसदी बारिश सामान्य से कम हुई.

श्योपुर का ग्वालियर से संपर्क कटा
श्योपुर जिले में बड़ी अनहोनी का खतरा मंडरा रहा है. भारी बारिश की वजह से यहां का आवदा डैम ओवर फ्लो तो हो ही रहा है, उसमें दरारें भी पड़ गई हैं. इसे लेकर किसान और जनप्रतिनिधि प्रशासन के आगे चिंता जाहिर कर चुके हैं. बार-बार बताने के बावजूद अधिकारी मामले को अनसुना कर रहे हैं. इधर भारी बारिश की वजह से श्योपुर का ग्वालियर और शिवपुरी से संपर्क पूरी तरह कट गया है. गांवों में आवाजाही बंद हो गई है. घरों में पानी घुस गया है

Rewa News : चार मिनट के चक्रवाती तूफान ने अमाव में दिखाया रौद्र रूप।

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रीवा/त्योंथर

त्योंथर तहसील के ग्राम अमाव में अचानक आये भयानक चक्रवाती तूफान ने तांडव मचाते हुए  चन्द्र मिनटों में ही बहुत कुछ धरासाई व ध्वस्त कर दिया प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो अल्प समय के लिए गांव के आंशिक क्षेत्र में अचानक तीव्र वेग से आये इस तूफानी तांडव ने सभी को अचरज व हैरत में डाल दिया तूफानी आवाज की  भयानकता से  लोग भयाक्रांत हो गए । 
रात्रि लगभग 12 बजकर 20 मिनट पर आई  भीषण चक्रवाती हवाओं ने लोगो के टीन शेड के घरौंदे ,बड़े बड़े वृक्षों व ट्रांसफार्मर सहित  बिजली के खम्भे उखाड़ कर धरासाई कर दिया ।ग्रामीणों की माने तो गांव के उत्तरी छोर से निकली  नदी के  किनारे तरफ से एका एक तेज गती से उठे हवा के झोंके ने पल भर में ही बहुत कुछ नष्ट कर दिया हलाकि ईश्वर की कृपा से  गनीमत रही की प्रकृत की  यह विध्वंसक लीला देर तक नही चली वरना तबाही का मंजर ही देखने को बचता फिलहाल किसी तरह की जान माल के नुकसान को कोई जानकारी नही मिली क्षेत्र की बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद हो चुकी है

Rewa News:खेत से जहरीली गैस निकलने की सूचना, मौके पर पहुंची पुलिस

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Thursday, July 29, 2021

 

Rewa News:खेत से जहरीली गैस निकलने की सूचना, मौके पर पहुंची पुलिस
रीवा
खेत में काम करने के दौरान किसान को जमीन से धुएं जैसी गैस निकलती दिखी। जिसके बाद किसान हरकत में आ गया। उसने खेत में मौजूद अन्य लोगो को बताई। लोगो के देखने के बाद जहरीली गैस मानकर वहां से दूर चले गए।लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। बिछिया पुलिस जब मौके पहुची तब तक गैस निकलनी बंद हो चुकी थी।
कोठी गांव की घटना
मिली जानकारी के अनुसार बिछिया थाने के कोठी गांव के रहने वाले किसान माधव प्रसाद पटेल अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौराना शाम के समय खेत से अचानक धुआं जैसी गैस निकलते देखा। पडोस के खेत में काम कर रहे किसानो को जब इस बात की जानकारी हुई तो वह जहरीली गैस समझ दहशत में आ गए। यह घटना मंगलवार की बताई जा रही है।
पुलिस को दी गई सूचना
किसानों ने इस जहरीली गैस निकलने की जानकारी पुलिस को दीं। लेकिन पुलिस के पहुंचने के पहले ही गैस निकलना बंद हो गया। ऐसे में किसानो ने पुलिस को सारी जानकारी दी। पुलिस ने सावधानी बरतने के साथ ही कुछ भी होने पर सूचना देने की समझाइस देकर वापस आ गई।
भूवैज्ञानिक में नकारी गैस निकलने की बात
गैस निकलने की इस घटना पर जानकारो की राय अलग है। भूवैज्ञानिक डॉ आर एन तिवारी ने बताया कि पानी गिरने के बाद रीवा के कुछ हिस्सों में जहरीली गैस निकलती है लेकिन खेत से गैस निकलना समझ के परे उनका मानना है किसान को या तो भ्रम हुआ होगा, या तो वह सही में बता नहीं पा रहा है उन्होंने बताया कि अमूमन दलदली क्षेत्र में गहराई में गैस रिसाव होता है जैसे कि कुआ बावड़ी या फिर बोरिंग करते समय गैस रिसाव होता है।


Rewa News:घर के सामने नाली बनाने को लेकर बड़े भाई ने छोटे भाई के गर्दन में मारी आरी छोटा भाई संजय गांधी में भर्ती

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Friday, July 23, 2021



Rewa News:घर के सामने नाली बनाने को लेकर बड़े भाई ने छोटे भाई के गर्दन में मारी आरी छोटा भाई संजय गांधी में भर्ती


REWA NEWS: घर के सामने नाली बनाने को लेकर बड़े भाई ने छोटे भाई के गर्दन में मारी आरी छोटा भाई संजय गांधी में भर्ती

जिले के चोराहाटा थाना अंतर्गत बहुरी बांध की घटना जमीनी विवाद को लेकर बड़े भाई ने छोटे भाई पर किया जानलेवा हमला बताया गया कि सुबह शुक्रवार को नाली बनाने को लेकर विवाद इतना गहरा हो गया कि बड़े भाई ने लकड़ी काटने वाली आरी से छोटे भाई के गर्दन में हमला कर दिया जिसस छोटे भाई के गर्दन में गंभीर चोट आई है और एंबुलेंस के बुलाने पर संजय गांधी हॉस्पिटल में ले जाया गया और अभी उसका ईएनटी विभाग में उपचार चल रहा है ।
संजय गांधी अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया की युवक की स्थिति गंभीर है ।
मिली जानकारी के अनुसार बहुरी बांध में रहने वाले अमृत लाल विश्वकर्मा और संतोष विश्वकर्मा के बीच बड़े समय से जमीनी विवाद चल रहा है भाइयों के बीच अकसर कहासुनी होती रहती है लेकिन शुक्रवार को जब विवाद बहुत गहरा हो गया और बड़ा भाई खून का प्यासा हो गया आरोप है कि नाली बनाते समय दोनों के बीच विवाद दुआ और मारपीट होने लगी।
इसी बीच संतोष विश्वकर्मा ने आरी से अपने भाई  अमृत लाल विश्वकर्मा पर प्रहार कर दिया।

Rewa News: अधूरा रह गया ख्वाब! प्रेमी की बाहों से प्रेमिका को खींच ले गए परिजन, ब्याह रचाने पहुंचे थे कलेक्ट्रेट

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रीवा


कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रेम विवाह रचाने आए प्रेमी जोड़े के अरमानों में उस वक्त पानी फिर गया जब लड़की के परिजन भी कार्यालय पहुंच गए और झूमा झटकी कर लड़की को वहां से लेकर चले गए. जिसके बाद प्रेमी लड़का भी अपनी प्रेमिका का पीछा करते हुए उसे छुड़ाने आया लेकिन लड़की पक्ष के लोगों ने लड़के के साथ मारपीट की जबरन लड़की को लेकर चले गए. कार्यालय में झूमा झटकी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है

कलेक्ट्रेट कार्यालय शादी करने पहुचा प्रेमी जोड़ा

सात जन्मों के बंधन में बंधने के लिए एक प्रेमी जोड़ा कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में जैसे ही पहुंचा तभी लड़की के परिजन वहां पहुंच गए और लड़के और लड़की के साथ आपस में बातचीत करने लगे. इस दौरान लड़की के परिजनों और प्रेमी जोड़े के बीच काफी गहमागहमी के बीच झूमा झटकी भी हुई. जिसके बाद परिजन लड़की को लेकर चले गए

मर्जी के बिना लड़की को ले गए परिजन

बताया जा रहा है कि लड़का सतना जिले के नागौद का निवासी रीवा जिले के सिमरिया क्षेत्र की लड़की से प्रेम करता था परिवार दोनों के रिश्ते से खुश नहीं थे. परिवार के राजी न होने पर प्रेमी जोड़े ने परिजनों के खिलाफ जाकर शादी करने का फैसला लिया. मैरिज के लिए प्रेमी जोड़ा कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गया और कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचते ही लड़की के परिजन भी पीछे से आ गए जहां पर काफी गहमागहमी के बीच वह लड़की को वहां से ले गए

Rewa News: सोहागी थाना पुलिस का वेहद सराहनीय प्रयास 300 फिट की गहराई से यूवक को निकाला जिंदा बाहर

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सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला के मार्गदर्शन पर उप निरीक्षक अभिषेक पटेल और उनकी  टीम ने सोहागी पहाड़ की 300 फिट गहरी खाई से मंदबुद्धि यूवक को कयी घंटे की कड़ी मस्कत के बाद निकालने में सफलता हाथ लगी है जिसे खाट पर लाद कर त्योंथर के सिविल अस्पताल भेजा गया है यूवक तीन दिन से खाई में फंसा था लोगों की सूचना पर सोहागी थाना पुलिस ने घंटों के रेस्क्यू के बाद उसे जिंदा निकाला गया, मंदबुद्धि यूवक अशोक रावत, निवासी मढ़ा थाना लौर का वताया जा रहा है पुलिस द्वारा परिजनों सहित लौर थाना को अवगत कराया गया है।

Rewa News:के के स्पन के विरूद्ध नेहरु नगर वाले पहुंचे नगर निगम

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Thursday, July 22, 2021

Rewa News:के के स्पन के विरूद्ध नेहरु नगर वाले पहुंचे नगर निगम

के के स्पन कंपनी द्वारा ज्योति स्कूल के पीछे लक्ष्मी ज्वेलर्स के सामने व गुप्ता किराना के सामने सीवरेज निर्माण का गढ्ढा खोदते समय पेयजलापूर्ति पाइपलाइन तोड दी गई है जिससे मोहल्ले वासियों को 7दिनों से मीठा पानी नसीब नहीं हो रहा बार बार शिकायत के बाबजूद भी कोइ कार्यवाही नहीं होने से नाराज मोहल्ले के लोग राजेश सोनी सुनील दुबे कुसुमकली गुप्ता के के भार्गवन मानवेंद्र दिवेदी आदी ने निगम कार्यालय पहुंच कर अपनी समस्याओं से निजात दिलाने गोहार लगाई और चेतावनी देते हुऐ कहा है कि यदि यह व्यवस्था तत्काल ठीक नहीं होती तो आंदोलन किया जाऐगा नगर निगम पानी का बिल हर माह लेती है और बार बार लीकेज से या तो पानी आता नहीं या गंदा पानी सप्लाई हो रहा है यदि यही हाल रहा तो अब बिल भी नहीं देंगे के के स्पन पर तत्काल कार्यवाही की जाऐ
नर्क बना दिया नेहरू नगर को-- के ,के, स्पान कंपनी,,, नगर निगम अधिकारियों की मिली भगत से की जा रही है मनमानी।
घटिया निर्माण की एक भी FiR.,,, नहीं हुआ कंपनी के खिलाफ,, आम लोगों को नगर निगम नहीं थाना में अपराध दर्ज कराना चाहिए।

घोटालों की लगी झड़ी कोई मर रहा भूखो कोई काट रहा रसमलाई जिला प्रशासन बेलगाम

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घोटालों की लगी झड़ी कोई मर रहा भूखो कोई काट रहा रसमलाई जिला प्रशासन बेलगाम

जिले के अधिकारियों के छत्रछाया में 5 - 5 समितियों का बना प्रबंधक

एक ही जगह 20 वर्षों से पदस्थ समिति प्रबंधक कोटेदारों की खा गया 3 वर्ष की सैलरी

एक ओर भ्रष्टाचार को खत्म करने का बड़े-बड़े नेताओं का बयान आता रहता है लेकिन जिले के अधिकारियों के द्वारा कितना अमल किया जाता है जिसका जीता जागता उदाहरण है सिरमौर शाखा जहां एक ही समिति में 20 वर्षों से पदस्थ संतोष पांडे अंगद के पांव के तरह जमे हुए इनके अगर भ्रष्टाचार के खुलासे किए जाए तो एक से बढ़कर एक भ्रष्टाचार निकलेंगा लेकिन जिस समिति प्रबंधक के ऊपर सहकारिता आयुक्त एवं उपायुक्त का आशीर्वाद प्राप्त हो उसका कोई क्या कर सकता है हम आपको बता दें यह वही समिति प्रबंधक है जोकि बैकुंठपुर खरीदी केंद्र में 400 कुंटल का हेरा फेरी किए थे आज तक जांच होती रही और कार्यवाही भी होती रही क्या यह कहना गलत है बड़े अधिकारियों का आशीर्वाद प्राप्त नहीं
20 वर्षों से एक ही शाखा में पदस्थ होना अधिकारियों के कार्यवाही पर प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं यहां तक की कदैला निबूहा क्योटी खैरहन सिरमौर इतने समिति का बना है समिति प्रबंधक यहां तक की कोटेदारों को 3 वर्ष से नहीं दी गई है सैलरी आखिर क्यों नहीं दी गई कहां गया उनके सैलरी का पैसा जिला प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि ऐसे भ्रष्टाचारियों के ऊपर क्यों नहीं कार्यवाही कर रहा क्यों भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है

विद्युत विभाग कटरा गढ़ जेई अभिषेक सोनी को ज्ञापन देने के बाद भी क्षेत्र में नहीं हुआ सुधार कार्य

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विद्युत विभाग कटरा गढ़ जेई अभिषेक सोनी को ज्ञापन देने के बाद भी क्षेत्र में नहीं हुआ सुधार कार्य

आपको बता दें कि विगत दिनों पहले कांग्रेस कमेटी गढ़ विधानसभा मनगवां के कार्यकर्ताओं के द्वारा विद्युत स्टेशन गढ़ में धरना प्रदर्शन कर जूनियर इंजीनियर अभिषेक सोनी को ज्ञापन सौंपा गया था। अभिषेक सोनी के द्वारा 15 दिनों के सुधार कार्य करवाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन आज एक माह पूर्ण हो जाने के बाद भी क्षेत्र में सुधार कार्य अभी तक नहीं हो पाया है अब क्या माना जाए कि इसमें सबसे बड़ी लापरवाही किसकी है जूनियर इंजीनियर अभिषेक सोने की या उनके विद्युत स्टेशन के कर्मचारियों की। अगर सुधार कार्य जल्द ही पूर्ण नहीं किया जाता है तो विद्युत स्टेशन का घेराव किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।

शासकीय आवासों का लोकार्पण प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया

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मध्यप्रदेश शासन की पुर्नघनत्वीकरण योजना के तहत सिविल लाइन क्षेत्र रीवा में 436.10 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित 24-जी टाइप शासकीय आवासों का लोकार्पण प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया। इस दौरान कमिश्नर रीवा संभाग श्री अनिल सुचारी एवं कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि अब यह शासकीय परिसर अटल विहार सिविल लाइन के नाम से जाना जायेगा। व्यवस्थित एवं सुविधायुक्त माकान शासकीय कार्मचारियों की कार्य क्षमता में वृद्धि करने में सहायक होंगे। 

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