जिले के अधिकारियों के छत्रछाया में 5 - 5 समितियों का बना प्रबंधक
एक ही जगह 20 वर्षों से पदस्थ समिति प्रबंधक कोटेदारों की खा गया 3 वर्ष की सैलरी
एक ओर भ्रष्टाचार को खत्म करने का बड़े-बड़े नेताओं का बयान आता रहता है लेकिन जिले के अधिकारियों के द्वारा कितना अमल किया जाता है जिसका जीता जागता उदाहरण है सिरमौर शाखा जहां एक ही समिति में 20 वर्षों से पदस्थ संतोष पांडे अंगद के पांव के तरह जमे हुए इनके अगर भ्रष्टाचार के खुलासे किए जाए तो एक से बढ़कर एक भ्रष्टाचार निकलेंगा लेकिन जिस समिति प्रबंधक के ऊपर सहकारिता आयुक्त एवं उपायुक्त का आशीर्वाद प्राप्त हो उसका कोई क्या कर सकता है हम आपको बता दें यह वही समिति प्रबंधक है जोकि बैकुंठपुर खरीदी केंद्र में 400 कुंटल का हेरा फेरी किए थे आज तक जांच होती रही और कार्यवाही भी होती रही क्या यह कहना गलत है बड़े अधिकारियों का आशीर्वाद प्राप्त नहीं
20 वर्षों से एक ही शाखा में पदस्थ होना अधिकारियों के कार्यवाही पर प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं यहां तक की कदैला निबूहा क्योटी खैरहन सिरमौर इतने समिति का बना है समिति प्रबंधक यहां तक की कोटेदारों को 3 वर्ष से नहीं दी गई है सैलरी आखिर क्यों नहीं दी गई कहां गया उनके सैलरी का पैसा जिला प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि ऐसे भ्रष्टाचारियों के ऊपर क्यों नहीं कार्यवाही कर रहा क्यों भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है
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